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संघर्ष हौसला पर शायरी - An Overview

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प्रति रसाल तरू साकी सा है, प्रति मंजरिका है प्याला, क्या कहते हो, शेख, नरक में हमें तपाएगी ज्वाला, स्वागत के ही साथ विदा की होती देखी तैयारी, हाथों में अनुभव करता जा एक ललित कल्पित प्याला, ऐसे मधु के दीवानों को आज बुलाती मधुशाला।।१६। सिंधँु-तृषा दी किसने रचकर बिंदु-बराबर https://archerlcpbo.life3dblog.com/7103230/top-read-hindi-poems-secrets

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